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08-10-17

द एसोसिएशन ऑफ जियोग्राफर्स बिहार-झारखंड के दो दिवसीय 19वें वार्षिक सम्मेलन का मुख्यमंत्री ने किया उद्घाटन


पटना, 08 अक्टूबर 2017:- मुख्यंमत्री श्री नीतीश कुमार ने द एसोसिएशन ऑफ जियोग्राफर्स बिहार-झारखंड के दो दिवसीय 19वें वार्षिक सम्मेलन सह राष्ट्रीय सेमिनार का पटना के सम्राट अशोक कन्वेंशन केन्द्र स्थित ज्ञान भवन में द्वीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। पटना के ए0एन0 कॉलेज के स्नातकोत्तर जियोग्राफी विभाग द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय सेमिनार में अर्बन डॉयनेमिक्स एंड स्मार्ट सिटी प्रास्पेक्ट इन बिहार एंड झारखंड विषय पर चर्चा हो रही है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अपने संबोधन में सबसे पहले आयोजन के लिए सभी लोगों को शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि इन दो दिनों में अर्बनाइजेशन पर चर्चा होनी है लेकिन भूगोलवेताओं से मेरा ये सुझाव है कि इसके अलावा हमें इस पृथ्वी के बारे में सोचना चाहिएजिससे हमारा भविष्य ठीक हो। जहां तक शहरीकरण की बात हैयह सही है कि कुछ प्लान्ड सिटी बने हैंजैसे टाटा ने जमशेदपुर बनायाबोकारो स्टील सिटी बनाये तो बहुत सुंदर हैं लेकिन इसके बाहर की क्या स्थिति है छात्र जीवन में जमशेदपुर शहर देखने का मौका मिला। प्लान्ड सिटी 20 कि0मी0 बहुत सुंदर लगा लेकिन बाहर की हालत अच्छी नहीं थी। मुंबई आर्थिक राजधानी है लेकिन आज उसकी क्या स्थिति है। चीन के शहर बीजिंग जाने का भी मौका मिला हैवहां मैं पक्षियों की चहचहाहट सुनने को तरस गया। उन्होंने भूगोलवेताओं से कहा कि बड़े-बड़े शहरों के लिए भी प्राकृतिक वातावरण का कितना महत्व है इसलिए पृथ्वी पर बात कीजिए। प्रकृति के नियम के खिलाफ हमें नहीं चलना चाहिए। पृथ्वी को विनष्ट होने से बचाना हमारा दायित्व है। आज तकनीक के विकास का दुरुपयोग भी एक बड़ा कारण बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरा मानना है कि पटना कोई शहर नहीं बल्कि एक बड़ा गांव है। बिहार की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं मानी जाती लेकिन छह करोड़ लोगों के पास मोबाइल फोन हैं। अब तो लोग मोबाइल से व्वॉयस और वीडियो कॉल करने लगे हैं। 1996 तक वातानुकूलित कमरे बहुत कम हुआ करते थे। हमने जब गाॅव-गाॅव में बिजली पहुॅचायी तो अब गाॅवों में भी फ्रीजटीवी और एयरकंडिशनर लग गये। प्रकृति से छेड़छाड़ कर हम आनंद का अनुभव तो कर रहे हैं लेकिन इसके कई दुष्प्रभाव देखने को मिल रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गाॅधी जी ने कहा था कि पृथ्वी हमारी जरुरतों को पूरा कर सकती हैहमारे लालच को नहीं। यहाॅ थर्मल पॉवर प्लांट स्थापित करने के लिए कोयले की जरुरत है लेकिन यह धरती की खुदाई से ही संभव है। विकास के लिए पेड़ों की कटाई अंधाधुंध जारी है इसलिएइस तरह एकेडमिक बहस से बुहत कुछ नहीं होगाइसके लिए लोगों की सोच को बदलना पड़ेगाखुद को उसके अनुरुप ढालना होगा। मुख्यमंत्री आवास में अक्सर टहलता हूॅ तो देखता हूॅ कि काम करने वाले श्रमिक पानी पीकर बोतल को इधर-उधर फेंक देते हैंमैं उसे खुद उठाकर रख देता हूॅ ताकि इसका उन पर असर पड़े।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यहाॅ सूर्य की पूजा होती हैजिसकी परिक्रमा हमारी पृथ्वी करती है। पृथ्वी घूम रही हैलेकिन हमें एहसास नहीं होता है। कुदरत ने इतनी ताकत दी है कि हमलोग अपने सारे कार्यक्रम आसानी से करते हैं। सूर्योपासना का पर्व छठ में दो दिनों तक पटना सहित पूरे बिहार के तमाम कसबे में कहीं भी आपको किसी तरह का कचरा नहीं दिखेगा लेकिन दो दिनों के बाद स्थिति देखिएघर के बाहर लोग कचरा फेंक देते हैं लेकिन वही वापस लौटकर उनके घर आता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी योजना लोगों की मूलभूत जरुरत को पूरा करती है। उन्होंने कहा कि हमलोग सात निश्चय’ पर काम कर रहे हैंजिससे जरुरत की सारी चीजें बिजलीपानीरास्ते गांवों में उपलब्ध हो जाएंगे। सब चीजों पर काम हुआ हैपुल-पुलियासड़क पर काम हुआ है। अब गांवों के विकास के बारे में हमारी योजना है। आज भी विधायकोंसांसदों से प्राथमिक मांग गांव की नली-गली-पानी-बिजली रहती है। हमलोगों ने सोचा कि इन समस्याओं से निदान दिलाया जाए। गांवोंटोलों को शहर की मुख्य सड़कों से जोड़ने का काम जारी है। हमारा विकास विकेंद्रीकरण के माध्यम से होता है। गाॅव हो या शहर सभी जगह इसको विकेन्द्रीकृत तरीके से लागू कर रहे हैंइसके लिये ग्राम पंचायतों और नगर निकायों के माध्यम से सात निश्चय की योजनायें क्रियान्वित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के पानी में क्षेत्रवार आर्सेनिकफ्लोराइड और आयरन की मात्रा हैबिहार के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में आयरनयुक्त पानी है। आर्सेनिकफ्लोराइड और आयरनयुक्त पानी से छुटकारा पाने के लिये कई गाॅवों का प्रोजेक्ट बनाना होता हैऐसे स्थानों पर जहाॅ पानी में गुणवता की समस्या हैवह कार्य विकेन्द्रीकृत तरीके से नहीं बल्कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग द्वारा केन्द्रीकृत तरीके से कराया जायेगा। गाॅवों में जब लोगों को नल का पानी मिलता है तो यह देखकर प्रसन्नता होती है। हम काम करने में विश्वास करते हैं प्रचार में नहीं। शुद्ध पानीअनवरत बिजलीनिकलिए तो पक्की सड़केंहमारे गांव के लोगों को सुखद आनंद के लिए एक अच्छी सुविधा होगी। सींचेवाल साहब ने पंजाब में अच्छा काम किया है। हमारे पूर्व मुख्य सचिव कंग साहब ने सींचेवाला से मिलवाया। पानी के सदुपयोग के लिए अधिकारियों के दल के साथ पंजाब जाकर मैंने इसे देखा और उसे लागू करने के लिए कहा। उन्होंने निर्देश दिया है कि सीवरेज ट्रिटेड पानी भी गंगा में नहीं बहाया जायेगावह अब खेती के काम में उपयोग में लाया जाएगा। हमारे यहां ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने सड़कों का चौड़ीकरण करवायाफ्लाई ओवर बनवाया। आज पटना के कंकड़बाग में आना-जाना कितना आसान हो गयापहले दिन भर का समय एक जगह से दूसरे जगह पहुंचने में लग जाया करता था। उन्होंने कहा कि सड़क के साथ-साथ गाड़ियों की संख्या में काफी वृद्धि हुई हैजिससे आवागमन की समस्या बनी रहती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ठोस कचरा प्लान को समझना होगाखुद जनता इसे समझे और जन सहयोग से कचरा प्रबंधन किया जा सकता है। महात्मा गांधी जी द्वारा सौ साल पहले चंपारण में बनाए गए स्कूल में मैं गया थाजिसमें उस समय सफाई के बारे में उन्होंने जानकारी दी थी। कुदरत की महता कोताकत को समझिए जरुरत भर ही उपयोग कीजिए। अभी हमारे यहां जो बाढ़ आयी थी वो नब्बे वर्ष के लोग भी कहते हैं कि ऐसी बाढ़ हमने अपने जीवन में पहली बार देखी हैआखिर क्या कारण है प्रकृति का दोहनहमें सोचना होगा। किरासन तेल के कम उपयोग के बारे में केंद्रीय मंत्री से चर्चा हुईजिसमें हमने सहयोग देने का आश्वासन दिया। हमारे यहां बिजली और एल0पी0जी0 कनेक्शन लोगों के पास उपलब्ध है। आत्मचिंतन का दौर चलाइयेहमारे यहां आर्यभट्ट नॉलेज सेंटर में रीवर सिस्टम पर काम

हो रहा है। उन्होंने कहा कि आर्यभट्ट ज्ञान विष्वविद्यालय में सेंटर आॅफ जियोग्राफी भी खोलने पर विचार किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अर्बेनाइजेशन का मतलब पर्यावरण की सुरक्षा एवं सामाजिक परिवेश का विकास है। बिहार में 88 फीसदी लोग गांवों में निवास करते हैंजिसमें 76 फीसदी लोग कृषि कार्य में लगे हुए हैं। हमने उद्योगों के विकास के लिए काफी प्रपोजल दिएहमारा प्रयास खेतों में काम करने वाले लोगों की आमदनी को बढ़ाना हैइसके लिए एग्रीकल्चर रोड मैप बनाया गया है। फूड प्रोसेसिंग में काफी संभावनाएं हैंहमारे पास समतल मैदान हैंगंगा की निर्मलता हैइसके लिए अविरलता की जरुरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहारी लोग रोजगार की तलाश में कहां नहीं जाते हैंलोग अब चेन्नई भी पहुंच गए हैं। पंजाब की खेती और दिल्ली की दिनचर्या बिहारी पर ही चलती है। पूरे मॉरीशस का 70 प्रतिशत हिस्सा भारतीय है और उसमें 51 प्रतिशत बिहारी हैं। हमारे लोग घूमने की प्रवृति में विश्वास करते हैंबाहर जाकर अपनी आमदनी बढ़ाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि असंतुलित शहरीकरण का ये आलम है कि पटना से लेकर बिहटा तक कोई जमीन देने को तैयार नहीं थे लेकिन जैसे ही बिहटा आई0टी0 हब बनने की बात आयी तो जमीनों की कीमतें आसमान छूने लगीं और बेतरतीब तरीके से लोग मकान बना लिए।

मुख्यमंत्री ने आयोजकों से कहा कि आपने बुलायाइसके लिए बहुत-बहुत आभार। हमलोग आपकी बात सुनकर जनता से इनटरैक्ट करते हैं। सोशल रिफॉर्मस यथा- शराबबंदीदहेज प्रथाबाल विवाह पर काम किया जा रहा है। जब बिहार और झारखंड बंटाउस समय हमारे लोग निराश थे। आज हमारी प्रगति से लोग संतुष्ट हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड के पास पेड़पहाड़ है तो हमारे पास समतल जमीन और नदी हैं। दोनों के ऐतिहासिक संबंध एक हैं। दोनों अपने-अपने तरीके से देश के विकास में योगदान दे रहे हैं। बिहार-झारखंड के भूगोलशास्त्री एक मंच पर चिंतन के लिए उपस्थित हुए हैंइनसे आग्रह है कि पर्यावरण के प्रति जागरुकता के लिए कुछ ऐसा संदेश दें और ऐसी चीज सोचें जो जनता को जागरूक कर सके।

भूगोलविदों के इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने ए0जी0बी0जे0 का सोवेनियर और जर्नल का भी विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिहार विभूति श्री अनुग्रह नारायण सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम को मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंहपटना विश्वविद्यालय के कुलपति श्री रास बिहारी सिंहअलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की भूगोल विभाग की प्रो0 (श्रीमती) आभा लक्ष्मी सिंहमगध विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो0 श्री के0एन0 पासवानद एसोसिएशन ऑफ जियोग्राफर्स बिहार एंड झारखंड के प्रेसिडेंट प्रो0 श्री टुनटुन झापटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं मुख्य संरक्षक एसोसिएशन ऑफ बिहार-झारखंड प्रो0 एल0एन0 राम0एन0 कॉलेज के प्राचार्य श्री एस0पी0 शाही ने भी संबोधित किया। धन्यवाद ज्ञापन कार्यक्रम की संयोजिका प्रो0 (श्रीमती) पूर्णिमा शेखर सिंह ने किया। इस अवसर पर मुख्यंमत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्माबिहार-झारखण्ड के विद्वान भूगोलवेतागणविशिष्ट अतिथिगणगणमान्य व्यक्ति एवं रिसर्च स्काॅलर मौजूद थे।