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17-10-17

मुख्यमंत्री ने भगवान महावीर के 2543वां निर्वाण दिवस के अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय पावापुरी महोत्सव का उद्घाटन किया


पटना, 17 अक्टूबर 2017:- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने जैन धर्म के 24वें तीर्थ कर भगवान महावीर के 2543वें निर्वाण दिवस के अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय पावापुरी महोत्सव का उदघाट्न दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुे मुख्यमंत्री ने कहा कि आज निर्वाण दिवस हैजैन धर्म में त्रयोदशी और धनतेरस से इसकी शुरुआत होती है और दीपावली में इस का भव्य आयोजन होता है। बचपन में मेरे माता-पिता हमें इन जगहों पर घुमाने लाया करते थे। इस अवसर पर एक वाक्या मुझे याद है कि मुझे भी एक बड़ा लड्डू प्रसाद के रुप में मिला था। यह पवित्र भूमि है। निर्वाण की भूमि हैयहां जो सामने जल मंदिर हैउसके बारे में कहा जाता है की जब भगवान महावीर के निर्वाण के समय इतने लोग आए थे कि एक-एक चुटकी मिट्टी उठाते गए और इतना बड़ा ये गड्ढा हो गया कि तालाब बन गया। बुद्ध और महावीर समकालीन थेदोनों ने अपने ज्ञान सेउपदेश से बिहार को पूरी दुनिया में गौरवान्वित किया है। महावीर के जन्मस्थल वैशाली या कुंडलपुर या लछुआर पर्वत होसब तो बिहार में ही है। महावीर की एक मूर्ति जो उनके जीवन काल में उनके भाई ने बनवायी थीवो लछुआर पर्वत पर से चोरी हो गई थी। हमलोगों ने उसको मुस्तैदी से फिर से वह मूर्ति प्राप्त कर लीजिसे नीचे में मंदिर में स्थापित कर दिया गया है। बाद में ऊपर पर्वत पर बनने वाले मंदिर में इन्हें पुनः स्थापित कर दिया जाएगा। इसके लिए जैन धर्म के बहुत सारे लोगों कोजो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अनुयायी हैंउनलोगों ने भी इसके लिये आभार व्यक्त किया।

               मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं पहला मुख्यमंत्री हूँ जो लछुआर पर्वत पर गया हूँ और वहां देखकर बहुत से बिन्दुओं पर सुझाव दिया। जब नालंदा अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालय पुनः स्थापित हुआ तो इसमें आने वाले विदेश के शिक्षक और छात्रों को ध्यान में रखते हुए पावापुरी में भगवान महावीर के नाम पर वर्द्धमान आयुर्विज्ञान संस्थान बनाया गया हैजो कि भव्य है। राजगीर में क्रिकेट स्टेडियम का निर्माणस्पोर्ट्स एकेडमीआई0टी0सी0टी0 का निर्माण होने वाला है।

                     मुख्यमंत्री ने कहा कि जैन धर्म के गुरु श्री लोकेश मुनी जी के साथ मुझे बैठने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। अभी कुछ देर पहले जो प्रार्थना का वाचन हुआउसमें सारी चीजें कह दी गई है। मुख्यमंत्री ने इसके बिंदुओं पर चर्चा  करते हुए कहा कि इसमें अलग-अलग मत के होने के बावजूद सबके विचारों का सम्मान करना चाहिए। सबका मंजिल एक हैचाहे आप किसी भी मत के हों इसलिए सबको एक दूसे का सम्मान करना चाहिए।

                   मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें प्रेम-प्रीत की शिक्षा दी गई है। इसमें सब कोई प्रेम से आपस में मिलकर रहेसदभाव बना रहेजियो और जीने दोके सिद्धातं पर रहना चाहिए। पृथ्वी सबकी है। पशुपक्षीजीव-जंतु सबका इस पृथ्वी पर अधिकार है। वैसा कर्म  करें जिसमें सबका मंगल हो।

                      मुख्यमंत्री ने कहा कि हम न्याय के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। समाज सुधार के मामले में हमारा अभियान चल पड़ा है। शराबबंदी को जैन समाज का भरपूर सहयोग मिला है। जनचेतना एवं जन समर्थ न से इसको मंजिल तक पहुंचाया जा सकता है। 21 जनवरी को 4 करोड़ लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर समर्थ न किया था। बाल विवाह एवं दहेज प्रथा को समाप्त करने के लिए अभियान चला पड़ा है। 39 प्रतिशत बाल विवाह हमारे यहां हैयह बहुत ही दुखद बात हैइससे महिलाओं में बहुत सारी समस्याएं होती हैजिससे महिलाओं की मृत्यु तक हो जाती है। उत्पन्न होने वाले बच्चे बौनेपन के भी शिकार हो जाते हैं। दहेज प्रथा जैसी कुरीति तो अब बड़े लोगों से फैलते-फैलते गरीबों में पहुंच चुका है। भारत सरकार द्वारा जारी होने वाले आंकड़े के अनुसार महिला अपराध में बिहार 26वें स्थान पर हैजबकि दहेज उत्पीड़न एवं हत्या मामले में दूसरे स्थान पर है। अगर दहेज प्रथा खत्म हो जाए तो समाज में कितना बड़ा बदलाव आ जाएगा। बिहार आदर्श स्थिति को प्राप्त कर लेगा। इस निर्वाण की भूमि से दहेज वाली शादी में शामिल नहीं होने का संकल्प लें। हमारे बिहार में महावीरबुद्धगुरु गोविंद सिंह जी का जन्मकौटिल्य का अर्थशास्त्रआर्यभट्ट का शून्य यह सब बिहार का गौरवशाली अतीत है। नालंदाविक्रमशिला अब तो तेलहाड़ा भी मिला है। यह शिक्षा का गौरवशाली केंद्र रहा है। यहीं से बापू ने चंपारण सत्याग्रह शुरु किया और नीलहों से किसानों की समस्या का निदान किया।

            मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां यह आयोजन गौरव और सम्मान की बात है। आप जैन गुरुओं से निवेदन है कि बेहतर सुझाव दें ताकि आगे और भी बेहतर कार्य हो सके। आप सभी लोगों को धनतेरसदीपावली एवं सूर्य उपासना का पर्व छठ की शुभकामना देता हूँ। अंत में भगवान महावीर की चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करता हूं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने दो मंदिरों में जाकर दर्शन किया एवं पूजा अर्चना की। उसके बाद जिला प्रशासन द्वारा आयोजित प्रदर्शनी मेले का उदघाटन कर 26 स्टालों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार को शॉल एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।

               इस अवसर पर कला-संस्कृति मंत्री श्री कृष्ण कुमार ऋषिग्रामीण कार्य मंत्री सह प्रभारी मंत्री नालंदा श्री शैलेश कुमारग्रामीण विकास मंत्री श्री श्रवण कुमारसांसदगणविधायकगणप्रसिद्ध जैन धर्मा वलंबी श्री लोकेश मुनी जीजैन साध्वियों संप्रज्ञा एवं रोहिणीकला-संस्कृति विभाग के प्रधान सचिव श्री चैतन्य प्रसादमुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीश चंद्रानालंदा के जिलाधिकारीपुलिस अधीक्षक सहित अनेक जैन मुनी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।