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01-02-18

हम आप रहें या न रहें बोधगया का महत्व सदा रहेगा - मुख्यमंत्री


मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आज कालचक्र मैदान में तीन दिवसीय बौद्ध महोत्सव का दीप प्रज्ज्वलित कर उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने रिमोट के माध्यम से 145 करोड़ रूपये की स्वदेश दर्शन योजनान्तर्गत कल्चरल केन्द्र बोधगया का शिलान्यास किया।

बौद्ध महोत्सव को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में उपस्थित होने का मौका मिला है, इससे काफी प्रसन्नता है। उन्होंने कहा कि अनेक वर्षों से मैं यहाँ आता रहा हूँ। धीरे-धीरे बौद्ध महोत्सव के आयोजन को अंतर्राष्ट्रीय स्वरुप प्रदान किया जा रहा है। इसके आयोजन में प्रशासन एवं विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है लेकिन बी0टी0एम0सी0 के सचिव श्री एन0 दोरजे की भूमिका भी प्रशंसनीय है। हर वर्ष देश-विदेश के कोने-कोने से कलाकार यहाँ आकर अपनी प्रस्तुति देते हैं। मैं उन सबका स्वागत करता हूँ। बोधगया के ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व से हम सभी अवगत हैं। यह भगवान बुद्ध की ज्ञान भूमि है। बोधगया ज्ञान एवं निर्वाण की भूमि है। गया अपने आप में ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण स्थल है। यह कोई नई बात नहीं है। दुनिया के विभिन्न मुल्कों से लोग यहां आते रहे हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले वर्ष परम पावन दलाई लामा जी के नेतृत्व में कालचक्र पूजा का आयोजन किया गया था। इस वर्ष भी उन्होंने कई सप्ताह तक यहां रहकर उपदेश दिये। आज भी दूसरे मुल्कों से लोग अपनी श्रद्धा निवेदित करने यहाँ आते हैं। बौद्ध धर्मावलंबियों में यह सपना होता है कि भगवान बुद्ध से जुड़े किसी एक स्थान पर जाने का मौका मिले तो बोधगया जरुर जाएं। अन्य पर्यटक भी यहां आते हैं। महाबोधि वृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ, उसका दर्शन करने के लिए लोग उत्सुक रहते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार की एजेंसियां बोधगया में बम मिलने के मामले की जांच में जुटी है और दोषियों पर जल्द कार्रवाई होगी। इस पावन भूमि पर हमला करे, यह आश्चर्यजनक बात है। भगवान बुद्ध ने प्रेम, शांति एवं सहिष्णुता का संदेश दिया। भगवान बुद्ध की विचारधारा अतिवादी नहीं मध्यममार्गी है, यही कारण है कि दुनिया के बहुत बड़े हिस्से में बौद्ध धर्म का प्रभाव लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि परम पावन दलाई लामा के साथ बैठने का मौका मिला। दलाई लामा से चर्चा में उन्होंने अद्भूत बातें कहीं। उन्होंने कहा कि भगवान बुद्ध के वचनों का वैज्ञानिक पहलू है। भगवान बुद्ध ने खुद के कहे को बिना सोचे मानने को भी नहीं कहा है। बौद्ध धर्म के हजारों पुस्तकों का निचोड़ चार खंडों में प्रकाशित होना है, जिसका एक खंड का मैंने लोकार्पण किया। संस्कृत ट्रेडिशन, पाली ट्रेडिशन, तिब्बत ट्रेडिशन में अंतर पूछने पर दलाई लामा ने कहा कि एक ट्रेडिशन आस्था पर केन्द्रित है। भगवान बुद्ध का संदेश समाज में प्रेम एवं सद्भाव पैदा करने वाला है। पूरे दुनिया में तनाव का माहौल है लेकिन शांति की भूमि पर इसका कोई स्थान नहीं है। तनाव को समाप्त करने के लिए नालंदा यूनिवर्सिटी के उद्घाटन के दौरान भी मैंने प्रयास करने को कहा था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों की प्रतिबद्धता है बिहार के गौरव की रक्षा करना और विकास करना, इसे हम पूरा करेंगे। 2010 में प्रवास यात्रा में आने के बाद जो कमियां दिखीं, उसे सही करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। बाहर के पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। यहां अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा है, जहां लोग चार्टर्ड व सर्विस फ्लाईट से आते हैं। गया में  पिडं दान एवं बोधगया में भगवान बुद्ध के दर्शन को आते हैं। बोधगया का महत्व हमेशा बरकरार रहेगा। आज भी बोधगया के लिए आयोजित विशेष बैठक में तय चीजों को पूरा करने का निर्णय लिया गया। 2000 का ऑडिटोरियम, पांच सौ लोगों का सभागार, तीन हॉल, मीटिंग काँन्फ्रेसं के लिये सात कमरे, एक हजार की क्षमता का इनडोर हॉल सब कुछ बनेगा। उन्होनें कहा कि राजगीर के कन्वेंशन हॉल की तारीफ लोग करते हैं। बोधगया में राजगीर के कन्वेंशन हॉल से बड़ा ये कन्वेंशन सेटंर दो साल में बनकर पूरा हो जाएगा। इसमें डिजाईन काफी चेजं किया गया है। माया सरोवर के पास 10 एकड़ भूमि में इसका निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोधगया में आते ही मन प्रसन्न हो जाता है। इतनी ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण भूमि है। उन्होनें कहा कि सुजाता कुटीर के पास दो एकड़ भूमि पर पर्यटकों के लिए विभिन्न सरंचनाओं का निर्माण किया जाएगा। मुचलिंद सरोवर के पास भूमि का अधिग्रहण कर पर्यटकों के लिए विभिन्न सरंचनाओं का निर्माण किया जाएगा। 10 आईकॉनिक पर्यटक स्थल की घोषणा के लिए केद्रं सरकार ने कहा है, इसके लिए बोधगया से बेहतर कोई जगह नहीं हो सकती है। बिहार भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली, भगवान महावीर की जन्मस्थली, कर्मभूमि एवं निर्वाण भूमि है। गया और बोधगया को मिलाकर आईकॉनिक पर्यटक स्थल के रुप में चुना जाना चाहिए। गया में लोग अपनी आस्था के लिए आएंगे लेकिन इसे साफ-सुंदर बनाया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ल्ड हेरिटेज साईट होने के कारण यहां बौद्ध धर्मावलंबी आते हैं, इसके अलावा वर्ल्ड हेरिटेज साईट के विजीट के लिए टूरिस्ट आते रहते हैं। यहां आने वाले पर्यटकों को सुविधा प्रदान करने के लिए प्रयास होना चाहिए। बौद्ध महोत्सव के आयोजन का उदेश्य भगवान बुद्ध के संदेशों को फैलाना है। इससे ही समाज में प्रेम, अहिंसा, शांति और सहिष्णुता आएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कितना भी विकास कर लें लेकिन आपसी टकराव से विकास का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसके लिए स्थाई रुप से कार्य करना होगा। भगवान बुद्ध का दर्शन कर प्रसन्नता होती है और आत्मसंतोष का भाव पैदा होता है। पर्यटन विभाग इसके आयोजन को और वृहत रुप प्रदान करें। भगवान बुद्ध के जीवनवृत से जुड़े विशेष दिनों में बौद्ध महोत्सव के आयोजन की तिथि तय करे।

मुख्यमंत्री का स्वागत पुष्प-गुच्छ एवं प्रतीक चिह्न भेटंकर किया गया। मुख्यमंत्री को पर्यटन मंत्री श्री प्रमोद कुमार ने पेंटिंग भेटं की। थाईलैंड एवं म्यांमार के कलाकारों द्वारा मुख्यमंत्री को उपहार भी भेटं किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरूआत की। प्रख्यात पार्श्वगायक श्री सुरेश वाडेकर को मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।

इससे पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने महाबोधि मंदिर के गर्भगृह में पूजा अर्चना की और इसके बाद बोधिवृक्ष की पूजा कर मंदिर परिसर का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित पदाधिकारियों को सुरक्षा संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। इसके बाद बी0टी0एम0सी0 में वरीय पदाधिकारियों के साथ महाबोधि मंदिर की सुरक्षा संबंधित समीक्षा बैठक की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री श्री जीतन राम माँझी, शिक्षा मंत्री श्री कृष्णनंदन प्रसाद वर्मा, पर्यटन मंत्री श्री प्रमोद कुमार, कृषि मंत्री श्री प्रेम कुमार, विधायक एवं विधान पार्षदगण, मुख्य सचिव श्री अंजनी कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री पी0के0 ठाकुर, प्रधान सचिव गृह श्री आमिर आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा, सचिव पर्यटन श्री पंकज कुमार, आयुक्त मगध प्रमण्डल श्री जीतेन्द्र श्रीवास्तव, आई0जी0 श्री नैयर हसनैन खान, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री विनय कुमार, गया के जिलाधिकारी श्री अभिषेक सिंह, गया के वरीय पुलिस अधीक्षक श्रीमती गरिमा मलिक सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे।