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26-01-18

समाज का हर तबका पढ़ेगा तभी हमारा बिहार बढ़ेगा


मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज 69वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर पटना जिला के मसौढ़ी अनुमंडल अंतर्गत पुनपुन प्रखंड के जाहिदपुर महादलित टोला में झंडोत्तोलन कार्यक्रम में शामिल हुए।  यहाँ पर 70 वर्षीय श्री दीनदयाल दास के द्वारा झंडोत्तोलन किया गया। जाहिदपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सबसे पहले आप लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनायें देता हूँ। पिछले अनेक वर्षों  से यह कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। अपने राज्य के तमाम महादलित टोलों में सबसे बुजुर्ग व्यक्ति के द्वारा झंडोत्तोलन का कार्य कराया जाता है।  इससे समाज के कमजोर तबकों के बीच में जो हाषिए पर हैं, उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हमलोगों ने अनेक कार्यक्रम आयोजित किये हैं, इससे एक आत्मविश्वास का भाव पैदा हुआ है। नई पीढ़ी को इससे लाभ हुआ है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर ऐसे कार्यक्रमो में  मुझे शामिल होने का अवसर मिला है। आज पुनपुन प्रखंड के जाहिदपुर में इस कार्यक्रम में शामिल होकर मुझे खुशी हुई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनपुन से हमारा पुराना लगाव रहा है। मैं आप सब लोगों के एहसान को कभी भूल नहीं सकता क्योंकि आप सब लोगों  ने मुझे पांच बार सांसद चुनकर लोकसभा में भेजा, जिससे देश-प्रदेश के लोगों ने मुझे जाना। अगर आप मुझे सांसद नहीं बनाए होते तो आज मैं इस स्थान पर नहीं आता। मैं जीवन भर इसको कभी भूल नहीं सकता और मेरी जो भी हैसियत रहेगी, मैं जीवन भर आपकी सेवा करता रहूंगा। आज इसी जगह पर फिर आने का मौका मिला है। पहले से ही कोई गांव-टोला नहीं बचा है, जहां हम नहीं गए हुए हैं। वर्ष 1989 से हम चुनाव लड़े हैं, पांच बार लोकसभा के लिए चुने गए, इससे पहले भी कितनी बार आने का मौका मिला। हमारा यहां से भावनात्मक लगाव है। दीनदयाल जी ने अपने हाथों से झंडोत्तोलन किया, दीनदयाल जी पुराने व्यक्ति हैं, इन्होनें शराबबंदी के कार्यक्रम का समर्थन किया है इसलिए इनको धन्यवाद देता हूँ। हमलोग तो विकास का काम कर ही रहे हैं, लोगों को फायदा होगा। जब हम अटल बिहारी वाजपेयी जी की सरकार में मंत्री थे तो पटना, पुनपुन, मसौढ़ी, गया के एन0एच0 के लिए यही रुट निर्धारित किया था और अब यह फोर लेन बनने वाला है, जिससे इधर के लोगों को इसका ज्यादा फायदा होगा। पटना का विकास हो रहा है। विस्तारित पटना के नक्शे में हमलोगों ने पुनपुन को शामिल कर लिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनपुन का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है, यहां की स्थिति को देखते हुए पुनपुन घाट को और बेहतर बनाया जा रहा है। नदी किनारे छठ घाट का निर्माण भी कराया जाएगा, इसके लिए योजना बनकर तैयार है, जिसमें लगभग 2 करोड़ 46 लाख रुपये खर्च होंगे। इससे छठ एवं पितृपक्ष के कार्यक्रम में सहुलियत होगी। लक्ष्मण झूला के बनाए जाने की मांग पर उन्होंने कहा कि इसकी जगह पर केबुल सस्पेंशन ब्रिज बनाया जाएगा, जिसमें साढ़े दस मीटर का बीट होगा और इसमें 35 करोड़ 20 लाख रूपये की लागत आयेगी। देखने में यह झूले की तरह ही लगेगा। आप चाहे  तो इसे पुनपुन लक्ष्मण झूला नाम भी दे सकते हैं। पटना जंक्शन के पास इस तरह का एलिवेटेड पुल का निर्माण हाल ही में किया गया है, इससे लोगों को आवागमन में  काफी सहुलियत होने लगी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुनपुन नदी में कटाव यहां की एक बड़ी समस्या है। जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया गया है, इसमें  जितना आगे निर्माण कार्य होगा, उसमें बोल्डर पिचिंग होगा, जिससे कि घाट के कटाव की समस्या दूर हो जाए। उन्होनें कहा कि नाला बनना चाहिए, ड्रेनेज का काम होना चाहिए, इन सब समस्या के समाधान के लिए भी हमने निर्देश दिया है। हमलोगों का जो सात निश्चय का कार्यक्रम है, उसके अंतर्गत हर घर नल का जल, हर घर तक पक्की-गली का निर्माण, हर गांव के अंदर यह काम हो रहा है, इसी को विस्तारित करते हुए यहां की समस्या का समाधान कर लिया जाएगा। हर क्षेत्र में विकास हो रहा है, सड़क, पुल-पुलिया, कृषि, अस्पताल, स्कूल सब क्षेत्रों में काम हो रहे हैं। यहां के स्कूल भवनों की स्थिति के बारे में जो समस्या है, उसको शिक्षा विभाग देखेगा। भवनों के लिए हमलोग पहले ही राशि का आवंटन कर देते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में कुरीतियों से छुटकारा पाना है। शराबबंदी के साथ नशामुक्ति के लिए अभियान चलाया गया है। बाल विवाह और दहेज प्रथा के खिलाफ भी अभियान चलाया गया है। यह दोनों बहुत बुरी चीज है और एक दूसरे से जुड़ी हुई है। लोग बेटियों की शादी कम उम्र में ही कर देते हैं, यह सोचकर कि बेटी जब बड़ी हो जाएगी तो ज्यादा दहेज देना पड़ेगा। यह बड़ी कुरीति है, यद्यपि इसके लिए कानून बना हुआ है। 18 से कम उम्र की लड़की की शादी नहीं होगी और 21 वर्ष से कम उम्र के लड़कों की शादी नहीं होगी। बाल विवाह के कारण लड़की को कितनी परेशानी झेलनी पड़ती है, प्रसव के दौरान वे मौत की शिकार हो जाती हैं, जो बच्चे पैदा होते हैं, वे बौनेपन, मंदबुद्धि एवं अन्य बीमारियों के शिकार होते हैं। दहेज प्रथा के कारण महिलाओं का उत्पीड़न होता है। यह पहले संपन्न लोगों के बीच प्रचलित था, लेकिन आज यह कुरीति आमलोगों के बीच में फैल चुका है। पिछले साल 21 जनवरी को शराबबंदी एवं नशामुक्ति के पक्ष में आमलोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर अपनी भावना का प्रकटीकरण किया था। इस वर्ष 21 जनवरी को दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ लोगों ने मानव श्रृंखला बनाकर अपनी भावना एक बार फिर प्रकट की। लोगों ने अपने संकल्प को व्यक्त किया। जिला प्रशासन की तरफ से मुझे जानकारी मिली है कि यहां के 47 हजार लोगों ने मानव श्रृंखला में हिस्सा लिया था। मुझे इसकी बहुत खुशी है और मैं इसके लिए आप सबों को बधाई देता हूँ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दहेज प्रथा समाप्त हो सकती है, इसके लिए बस एक संकल्प ले लीजिए, मन बना लीजिए तो यह खत्म हो जाएगा। चाहे कोई रिश्तेदार हो, हमारा दोस्त हो अगर वह अपने लड़के की शादी में दहेज ले रहा है तो उसकी शादी में शामिल न हों। जिस दिन आप मन बना लीजिएगा, उसी दिन से इन कुरीतियों से छूटकारा मिलने लगेगा। हम तो यह अभियान चलाते रहे हैं, हम आपको याद कराते रहेगें। विकास का काम करते हैं और यह निरंतर गति के साथ होता रहेगा। विकास हम चाहे जितना कर दें, अगर समाज सुधार नहीं हुआ तो उस विकास का लाभ आपको नहीं मिल पाएगा। कुरीतियों से छुटकारा मिल जाए तो इसका बहुत लाभ होगा इसकी कल्पना कर सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंबेडकर छात्रावास और और यहां के आवासीय विद्यालय में जाने का मौका मिला है। इस आवासीय विद्यालय को और अगर किसी चीज की जरूरत होगी तो संबंधित विभाग को कहूँगा कि वे यहां निरीक्षण करें और जिस चीज की कमी है, उसको पूरा करने की कोशिश करें। किसी चीज की कमी नहीं होगी। समाज का हर तबका पढ़ेगा, तभी बिहार आगे बढ़ेगा।

कार्यक्रम के आरंभ में मुख्यमंत्री का स्वागत पुष्प-गुच्छ, फूलों की बड़ी माला, अंगवस्त्र भेटं कर किया गया। विद्यालय परिवार की तरफ से प्राचार्य डॉ0 राजीव रंजन ने प्रतीक चिन्ह भेटंकर मुख्यमंत्री को सम्मानित किया। जीविका की दीदियों द्वारा बाल विवाह एवं दहेज प्रथा के खिलाफ अभियान गीत प्रस्तुत किया गया। बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत लाभार्थियों सृष्टि कुमारी, कुंवर मांझी, गौतम कुमार को चेक भेंट किया गया। गुड़िया कुमारी एवं निधि कुमारी को कुशल युवा कार्यक्रम के तहत प्रमाण पत्र दिया गया। इस प्रखंड के 43 स्वयं सहायता समूह को 53 लाख का चेक भेंट किया गया। अंधापन निवारण कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों सुनीता देवी, मुन्ना दास, कांति देवी, कृष्णा देवी, सावित्री देवी को चश्मा वितरित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राजकीय अंबेडकर आवासीय छात्रावास का उदघाट्न भी किया। वार्ड नंबर 7 के लिए मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना एवं पक्की गली-नाली योजना का भी उदघाट्न किया गया। छात्रावास परिसर में ही बाबा साहेब डॉ0 भीम राव अंबेडकर की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया गया। शहीद रामानंद रामगोविंद पार्क में शहीदद्वय की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम से लौटने के क्रम में मुख्यमंत्री ने महुली ग्राम स्थित शहीद रामगोविंद सिंह एवं शहीद कामेश्वर प्रसाद सिंह की प्रतिमा पर भी माल्यार्पण किया।

कार्यक्रम को उप मुख्यमंत्री श्री सुशील कुमार मोदी, दलित टोला में ध्वजारोहण करने वाले बुजुर्ग श्री दीनदयाल दास, विधायक श्री श्याम रजक, पटना जिला परिषद अध्यक्ष श्रीमती अंजू देवी, प्रखंड प्रमुख श्रीमती गुड़िया देवी, मुखिया श्री सतगुरु प्रसाद ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री अरुण मांझी, पूर्व विधान पार्षद श्री वाल्मीकि प्रसाद, वार्ड नंबर 7 के सदस्य श्री मनोज कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अतीश चंद्रा, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मनीष कुमार वर्मा, अपर पुलिस महानिदेशक श्री जीतेंद्र सिंह गंगवार, पटना प्रमंडल के आयुक्त श्री आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी श्री गोपाल सिंह, पटना के जिलाधिकारी श्री कुमार रवि, पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक श्री मनु महाराज सहित अन्य पदाधिकारीगण एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।