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23-01-23

मुख्यमंत्री ने समाधान यात्रा के क्रम में नवादा जिले की जीविका दीदियों के साथ किया संवाद


पटना, 22 जनवरी 2023 :- मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार आज समाधान यात्रा के क्रम में नवादा जिले की जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, नवादा ऑडिटोरियम में आयोजित संवाद कार्यक्रम में 350 जीविका दीदियों ने हिस्सा लिया। संवाद कार्यक्रम में जीविका समूह के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाली 5 जीविका दीदियों ने अपने-अपने अनुभव मुख्यमंत्री के समक्ष साझा किये। सभी ने जीविका समूह से जुड़ने के बाद अपने जीवन स्तर में आये बदलाव की मुख्यमंत्री के समक्ष चर्चा की।

मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान जीविका दीदी श्रीमती निर्मला कुमारी ने बताया कि कम उम्र में मेरी शादी हो गई। उस समय मुझे ये पता नहीं था कि शादी क्या होती है। शादी के कारण 10वीं की पढ़ाई छूट गई। कुछ साल बाद मेरे पति और मेरे पिता का भी देहांत हो गया। मेरे दो छोटे बच्चे थे, आर्थिक तंगी के कारण उनके लिये दो वक्त की रोटी की समस्या भी उत्पन्न हो गई। वर्ष 2013 में जब जीविका समूह से जुड़ी तो मेरी पढ़ने की इच्छा हुई और मैं एक साइकिल खरीदकर स्कूल जाने लगी। उसके बाद ट्यूशन पढ़ाना भी शुरू किया। जब फर्स्ट डिविजन से मैट्रिक की परीक्षा पास की तो सरकार की तरफ से मुझे 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिली। समूह से आर्थिक मदद लेकर मैंने गाय खरीदी। वर्ष 2018 में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। अब मैं ग्राहक सेवा केंद्र भी चलाती हूं और लोगों का बीमा भी कराती हूं। मेरी इच्छा अच्छी शिक्षक बनने की है। कम उम्र में लड़की की शादी न हो इसके लिये मैं लोगों को समझाती हूं। स्वयं सहायता समूह के कारण मेरे दुख के दिन दूर हो गये। मैं मुख्यमंत्री के प्रति अपना आभार प्रकट करती हूं।

जीविका दीदी श्रीमती रिंकु कुमारी ने बताया कि हम दोनों पति-पत्नी दिव्यांग हैं। हमारी आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी, भर पेट भोजन भी नसीब नहीं होता था। पति भी बीमार रहते थे। दिव्यांगता के कारण मांगने पर भी कोई मुझे कर्ज नहीं देता था । जीविका समूह से जुड़कर मैंने आर्थिक मदद ली और एक सिलाई मशीन खरीदी। उससे आमदनी हुयी तो मैंने अपने पति का इलाज कराया और समय पर समूह का कर्ज भी चुका दिया। पति के लिये बैट्रीचलित रिक्शा खरीदी और उसे भाड़े पर लगा दिया। मुझे अच्छी आमदनी हो रही है। जीविका नहीं होता तो हम जीवित नहीं रहते। मुख्यमंत्री भइया को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूं।

जीविका दीदी श्रीमती जबिहा खातून ने बताया कि मेरे पति मजदूरी का काम करते थे। छत से गिरकर उनकी मौत हो गई, इससे परिवार के सामने भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई । वर्ष 2019 में मैं जीविका समूह से जुड़ी तब सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत मुझे आर्थिक मदद मिली। मैंने श्रृंगार और राशन की दुकान खोली। अब मुझे प्रतिमाह 5-6 हजार रुपये की बचत हो रही है। मेरे चार बच्चे हैं उनकी परवरिश भी अच्छे ढंग से हो रही है। सतत् जीविकोपार्जन योजना ने मुझे जीने का रास्ता दिया

• जीविका दीदी श्रीमती जया कुमारी ने बताया कि वर्ष 2016 मैं जीविका समूह से जुड़ी और 2 गायें खरीदीं। गांव में शराब की भट्ठियां चलती थीं, जिससे महिलाओं को घर से बाहर निकलने में काफी परेशानी होती थी। जब शराबबंदी लागू हुई तो हम जीविका दीदियों ने शराब

की भट्ठी तोड़ दो-फोड़ दो का नारा देते हुए भट्ठियों को तोड़ने का अभियान शुरू किया। इस काम में स्थानीय थाने से भी सहयोग लिया। एक दिन में 160 जीविका दीदियां एकजुट होकर स्थानीय थाने पर धमक गई और पुलिस पर दबाव बनाकर गांव के इलाके में चल रहे 52 शराब की भट्ठियों को जे०सी०बी० से तुड़वाने का काम किया। शराबबंदी के बाद गांव में पूरी तरह शांति है और लोगों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो रहा है। मैं मुख्यमंत्री जी को धन्यवाद देती हूं कि वे इसी तरह हमलोगों का हिम्मत और हौसला बढ़ाते रहें ।

जीविका दीदी श्रीमती कुंती देवी ने बताया कि वे वर्ष 2016 में जीविका समूह से जुड़ीं, मुख्यमंत्री की कृपा से गांव के हर घरों में शौचालय का निर्माण संभव हो सका है। गरीब परिवारों की लड़कियां भी पढ़ने लगी हैं। हर घर तक नल का जल पहुंच गया है। इससे हम सभी महिलायें काफी खुश हैं। स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद हम जीविका दीदियों को काम के साथ-साथ इज्जत भी मिल रही है। साथ ही आर्थिक प्रगति भी हो रही है। समाज में उनकी प्रतिष्ठा बढ़ी है। श्रीमती कुंती देवी ने बताया कि वे श्रीविधि से खेती करवाती हैं, जिससे अच्छा उत्पादन होता है।

संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि समाधान यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों के दौरे का अवसर मिला है। इसी सिलसिले में जीविका दीदियों के साथ मिलने और उनकी बात सुनने का मौका मिला है। मुझे इस बात की खुशी हो रही है। हमारा उद्देश्य है कि सभी जगह घूमकर देखें, जो योजनाएं चलाई जा रही हैं उसका लाभ लोगों को कितना मिल रहा है और क्या किए जाने की जरूरत है। आज 5 जीविका दीदियों ने अपने अनुभव साझा किये हैं। सबसे पहले मैं आप सभी को धन्यवाद देता हूं और इस कार्यक्रम में आपकी उपस्थिति के लिये अभिनंदन करता हूं। आप से जो संवाद हो रहा है उससे कई और बातों की जानकारी मुझे मिल रही है। वर्ष 2005 में मुझे काम करने का मौका मिला तो हमने स्वयं सहायता समूह की संख्या बढ़ाने का निर्णय लिया। जब हम सांसद और केंद्र में मंत्री थे तब भी स्वयं सहायता समूह के कामों को अन्य राज्यों में जाकर देखा था। वहां स्वयं सहायता समूह में महिलाओं की संख्या अधिक थी । आपलोगों ने जो कई अच्छे कार्य किए हैं उससे आपके परिवार और समाज में जो बदलाव हो रहा है उसकी भी जानकारी मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने वर्ष 2006 में स्वयं सहायता समूह से जुड़ने वाली दीदियों का नामकरण 'जीविका' किया उसके बाद समूह से जुड़ीं महिलायें जीविका दीदी कहलाने लगीं। उस समय केंद्र सरकार के मंत्री ने आकर समूह के कामों को देखा और पूरे देश में इसका नामकरण 'आजीविका' किया यानि बिहार की जीविका पूरे देश में आ जाए। इसको भूलियेगा मत, याद रखियेगा। उन्होंने कहा कि समूह से एक करोड़ 30 लाख से अधिक महिलायें जुड़ गई हैं। 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह का गठन हुआ है। हम चाहते हैं कि इसका और अधिक विस्तार हो। पहले महिलाएं सिर्फ घर में काम करती थीं, अब पुरुष के साथ महिलाएं भी कमा रही हैं जिससे परिवार की अच्छी आमदनी हो रही है। महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो समाज और राज्य आगे बढ़ेगा। हमलोगों ने गरीब परिवार को आगे बढ़ाने के लिए कई काम किए हैं। आप सभी जीविका दीदियां बेहतर काम कर रही हैं। पहले महिलाएं बोल नहीं पाती थीं और अब काफी अच्छे ढंग से आगे बढ़कर अपनी बातें रख रही हैं और परिवार को भी आगे बढ़ा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने महिलाओं के उत्थान लिए काफी काम किया है। पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों के चुनाव में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया गया। पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में महिलाओं को आरक्षण देने के लिये कानून बनाने हेतु लोकसभा और राज्यसभा की एक संयुक्त कमिटी बनी थी उसमें हम सदस्य थे। उसमें महिलाओं को कम से कम एक तिहाई आरक्षण देने का निर्णय लिया गया। जब मुझे मौका मिला तो बिहार में हमलोगों ने पुरुष और महिलाओं को एक समान अधिकार देने का निर्णय लिया और 50 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया। उन्होंने कहा कि हमलोगों ने वर्ष 2013 में बिहार पुलिस की बहाली में महिलाओं को 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया। अब पुलिस बल में बड़ी संख्या महिलाओं की भर्ती हो रही है। बिहार में जितनी महिलाएं पुलिस में हैं उतने दूसरे राज्यों में भी नहीं हैं। इसके अलावा हमलोगों ने बिहार की सभी सरकारी सेवाओं की नौकरियों में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण का लाभ दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चियों को पढ़ाने के लिए पोशाक योजना, साइकिल योजना शुरू की गई। बिहार में इंजीनियरिंग कॉलेज और मेडिकल कॉलेज में नामांकन हेतु एक तिहाई सीट आरक्षित की गई है। पहले लड़कियां वस्त्र के अभाव में 5वीं कक्षा से आगे नहीं पढ़ पाती थीं। लड़कियां पढ़ेंगी तभी आगे बढ़ेंगी। आप सभी अपने बच्चे-बच्चियों को पढ़ाइये। आपका काम महत्वपूर्ण है। आपके काम से आपके परिवार का हित तो हो ही रहा है। साथ ही पूरा समाज आगे बढ़ रहा है। हम आपके हित में हमेशा काम करते रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 के जुलाई महीने में स्वयं सहायता समूह की एक बैठक में महिलाओं की मांग पर ही शराबबंदी लागू की गई। आप सभी गड़बड़ करने वाले लोगों को समझायें। शराब बुरी चीज है इसका सेवन न करें। समाज में लड़कियों और महिलाओं का काफी महत्व है। आप सभी दहेज प्रथा के खिलाफ निरंतर अभियान चलाते रहिये। दहेज का लेन-देन करने वालों की शादी में शामिल न हों। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की उम्र में लड़की की, जबकि 21 वर्ष की उम्र में लड़के की शादी होनी चाहिये। आप सभी अपने काम के साथ-साथ बाल विवाह के विरुद्ध अभियान भी चलाते रहिये। शराबबंदी के बाद स्थिति बेहतर हुई है। सबको प्रेरित करें कि शराब खराब चीज है इसका सेवन न करें। दहेज प्रथा खत्म होनी चाहिये। लड़के वाले को दहेज लेने का कोई औचित्य नहीं है, इसके लिये कानून बना हुआ है। समाज में लड़कियों और महिलाओं का काफी महत्व है। आप सभी दहेज प्रथा के खिलाफ निरंतर अभियान चलाते रहिये दहेज का लेन-देन करने वालों की शादी में शामिल न हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपको को अधिक से अधिक काम मिले, जिससे आपकी आमदनी बढ़े इसमें हम लगे हुए हैं। आप सभी चिंता मत करिये। सरकारी अस्पतालों और छात्रावासों में दीदी की रसोई का संचालन कराया जा रहा है। इससे आपकी आर्थिक स्थिति और सुधरेगी। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में ठीक ढंग से पढ़ाई हो, शिक्षक उपस्थित रहें, इस पर आप सभी जीविका दीदियां नजर रखें और जो शिक्षक नहीं पढ़ाएं उसकी जानकारी दें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब पीना बुरी बात है। इसके संबंध में हमने बुकलेट भी छपवाई है। और घर-घर इसे पहुंचाया गया है। शराबबंदी के पूर्व शराब के व्यवसाय से जुड़े लोगों को अन्य रोजगार मुहैया कराने हेतु सतत् जीविकोपार्जन योजना के तहत् एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। जरूरत पड़ेगी तो उन्हें और सहयोग दिया जायेगा। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शराब पीने से होने वाली बीमारी के बारे में 2018 में सर्वे की रिपोर्ट प्रकाशित की। उसमें बताया गया है कि पूरे एक वर्ष में 30 लाख लोगों की मृत्यु हुई जिसमें 5.3 प्रतिशत मौत शराब पीने से हुई। 20 से 39 आयु वर्ग के लोगों में 13.5 प्रतिशत लोगों की मृत्यु शराब पीने के कारण होती है। जितने आत्महत्या के मामले आते हैं उसमें 18 प्रतिशत आत्महत्या शराब पीने के कारण होती है। शराब पीकर गाड़ी चलाने से 27 प्रतिशत सड़क दुर्घटनायें होती हैं। शराब पीने से 200 प्रकार की गंभीर बीमारियां भी होती हैं। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को आजादी दिलाई थी और उस दौरान बापू ने कहा था कि शराब न सिर्फ आदमियों का पैसा छीन लेती है बल्कि बुद्धि भी हर लेती है। शराब पीने वाला व्यक्ति हैवान हो जाता है। सभी जीविका दीदी लोगों को समझाएं और जहां भी जाएं सभी लोगों को बुकलेट दें। राष्ट्रपिता की बात सबको माननी चाहिये । मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2018 में सर्वे कराया तो पता चला कि एक करोड़ 64 लाख लोगों ने शराब पीना छोड़ दिया है। फिर से सर्वे कराने के लिए कहा गया है, जिसमें और बातें सामने आएंगी। गड़बड़ करने वाले लोगों को समझाएं। कुछ लोग शराबबंदी के खिलाफ हैं। वे पहले मेरी कामों की सराहना करते थे। हमलोग आपलोगों को बढ़ाना चाहते हैं आपलोग अच्छे ढंग से काम कीजिए। हम आप सभी को आश्वस्त करते हैं कि आपलोगों को आगे बढ़ाने के लिए जो कुछ भी संभव होगा, करेंगे । समूह में सभी जाति, सभी धर्म के लोग मिलकर काम कर रहे हैं और सभी आगे बढ़ रहे हैं। आपका काम और बढ़े, आपकी आमदनी और बढ़े इसके लिए हम काम करते रहेंगे। एक-दूसरे के प्रति अच्छी भावना रखें। इससे समाज, परिवार और देश आगे बढ़ेगा। आप सभी अधिक से अधिक महिलाओं को समूह से जुड़ने के लिये प्रेरित करें और पूरी बुलंदी के साथ काम करें। सरकार की तरफ से आपको हर संभव मदद की जायेगी।

संवाद कार्यक्रम में जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न और पौधा भेंटकर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने नवादा जिले के 2,474 स्वयं सहायता समूहों को 83 करोड़ 44 लाख रूपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया ।

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री श्री संजय कुमार झा, उद्योग मंत्री सह नवादा जिले के प्रभारी मंत्री श्री समीर कुमार महासेठ, विज्ञान एवं प्रावैद्यकी मंत्री श्री सुमित कुमार सिंह, विधायक मो0 कामरान, विधायक श्रीमती नीतू कुमारी, मुख्य सचिव श्री आमिर सुबहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ० एस० सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी जीविका सह मिशन निदेशक जल-जीवन-हरियाली अभियान श्री राहुल कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक विधि व्यवस्था श्री संजय कुमार सिंह, आयुक्त मगध प्रमंडल श्री मयंक बरबड़े, पुलिस महानिरीक्षक मगध प्रक्षेत्र श्री क्षत्रनील सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक सुरक्षा श्री मनोज कुमार, जिलाधिकारी नवादा श्रीमती उदिता सिंह, पुलिस अधीक्षक नवादा श्री अंबरीष राहुल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, जीविका दीदियां एवं वरीय पदाधिकारीगण उपस्थित थे।