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10-09-26

सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारियों के खातों में प्रत्येक माह की 10 तारीख को डी०बी०टी० के माध्यम से पेंशन राशि हस्तांतरित की जाएगी - मुख्यमंत्री


पटना, 10 सितम्बर 2026 मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज मुंगेर के हवेली खड़गपुर स्थित गंगटा मोड़ पर आयोजित कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत अगस्त माह 2026 हेतु 105.68 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रति व्यक्ति है 1100 रूपये की दर से कुल 1233.87 करोड रुपए का डी०बी०टी० के माध्यम से हस्तांतरण किया। योजना से इस बार 98,896 नए लाभार्थी जुड़े हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 333 के किलोमीटर 28.340 (गंगटा) से किलोमीटर 38.340 (कोडवरवा) मोड़ तक पथ का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य का रिमोट के माध्यम से शिलापट्ट अनावरण कर शिलान्यास किया।

संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के हर वर्ग के पात्र लोगों को बिना किसी भेदभाव के सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों को 1,100 प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। अगस्त 2026 की पेंशन के रूप में 105.68 लाख लाभार्थियों के बैंक खातों में 1,233.87 करोड़ की राशि डी०बी०टी० के माध्यम से हस्तांतरित की गई है। पेंशन की राशि निर्धारित समय पर लाभार्थियों के खाते में पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए हर माह की 10 तारीख पेंशन भुगतान के लिए निर्धारित की गई है। इस बार 98,896 नए लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि पात्रता रखने वाले किसी भी व्यक्ति को जाति, धर्म या किसी अन्य आधार पर भेदभाव का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि सीधे लाभुकों के बैंक खाते तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के हित में जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन आवश्यक है। बिहार और झारखंड राज्य के बीच पिछले 25 वर्षों से लंबित जल विवाद को सरकार के प्रयासों तथा केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के प्रयास से सुलझाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। उन्होंने कहा कि बक्सर से भागलपुर तक गंगा के पानी के बेहतर प्रबंधन की दिशा में काम किया जाना आवश्यक है। बिहार को आवश्यकता के समय अपने हिस्से का पानी उपलब्ध हो सके, इसके लिए फरक्का जल समझौते में आवश्यक प्रावधान शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही फरक्का बैराज तक गंगा में जमा सिल्ट की समस्या के समाधान की आवश्यकता पर भी उन्होंने जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार द्वारा राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-333 पर कि०मी० 28.340 (गंगटा) से कि०मी० 38.340 (कोहबरवा मोड़) तक सड़क के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण की परियोजना का शिलान्यास किया गया। परियोजना का उद्देश्य इस मार्ग को अधिक बेहतर, सुरक्षित और सुगम बनाना है। बेहतर सड़क संपर्क से मुंगेर, जमुई और आसपास के क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा तथा विकास की गति तेज होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के बच्चों को बेहतर शिक्षा और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल में आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की व्यवस्था की जा रही है। 'बिहार विद्यार्थी साथी ऐप' के माध्यम से विद्यार्थियों को 24 घंटे शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। बिहार के बच्चे शिक्षा, रोजगार और उद्यम के क्षेत्र में आगे बढ़ें और समृद्ध बनें, इसके लिए सरकार लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि जो आपने काम दिया है, उससे पीछे नहीं हटूंगा। सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि लाभ को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। हर व्यक्ति मजबूत होगा, तभी समाज मजबूत होगा और समाज मजबूत होगा, तभी बिहार मजबूत बनेगा। विकास की वास्तविक पहचान तभी होगी, जब विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के 13 जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। 30 लाख से अधिक की आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। सरकार की तरफ से बाढ़ राहत कार्य किये जा रहे हैं। बक्सर से लेकर भागलपुर तक गंगा नदी के पानी का बांधना है। बक्सर से शुरू होकर भागलपुर में गंगा नदी की धारा काफी चौड़ी हो जाती है, इसको हमलोगों को ठीक करना है, तभी बाढ़ से राहत मिलेगी। बांग्लादेश के साथ हुए समझौते के तहत गंगा नदी का पानी हमलोग सिर्फ चार महीने जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्टूबर में ही ले सकते हैं। बांग्लादेश के साथ जल संधि में बिहार के हित का ध्यान रखा जाना चाहिए ताकि पूरे साल गंगा नदी के पानी का हमलोग इस्तेमाल कर सकें। बिहार को जब आवश्यकता हो तब वह पानी ले सके, इस प्रावधान को फरक्का जल समझौते (Farakka water agreement) में शामिल कराने का प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 01 सितंबर से 30 नवंबर तक पूरे बिहार में लोगों की स्वास्थ्य जांच को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत करीब साढ़े 6 करोड़ लोगों का स्वास्थ्य जांच किया जायेगा। हेल्थ चेकअप के बाद इलाज की भी व्यवस्था की जाएगी। 17 सितंबर से सेवा संकल्प कायाकल्प अभियान शुरू किया जायेगा। इसके तहत स्कूल में इंफ्रास्ट्रक्चर को ठीक किया जायेगा। स्कूल एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में जहां शौचालय की व्यवस्था नहीं है, वहां शौचालय की व्यवस्था की जाएगी। इसी माह तारापुर एवं हवेली खड़गपुर में कोर्ट शुरु हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मुंगेर-जमुई वन क्षेत्र का लगभग 150 करोड़ की परियोजना के तहत वन क्षेत्र को विकसित किया जायेगा। भीम बांध का ऐतिहासिक एवं प्राकृतिक महत्व है। भीम बांध क्षेत्र के जंगलों का विकास एवं सौंदर्गीकरण का काम किया जायेगा। यहां अंतर्राष्ट्रीय स्तर की संरचनायें विकसित करने के साथ-साथ जंगल में ट्रैकिंग, होटल आदि की सुविधायें विकसित करायी जायेगी ताकि देश-विदेश से पर्यटक यहां आ सके।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, स्वयं सहायता समूह से जुड़ी जीविका दीदियों, मुख्यमंत्री अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक तथा मुख्यमंत्री सामर्थ्य योजना संबल के तहत दिव्यांगजनों के बीच बैटरी चलित ट्राई साइकिल की चाबी लाभुकों को प्रदान किया।

कार्यक्रम को गन्ना उद्योग मंत्री सह मुंगेर जिला के प्रभारी मंत्री श्री संजय कुमार, समाज कल्याण मंत्री डॉ० श्वेता गुप्ता, पथ निर्माण मंत्री श्री कुमार शैलेन्द्र एवं सांसद श्री अरुण भारती ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर विधायक श्री कुमार प्रणय, विधायक श्री मनीष कुमार, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक श्री विनय कुमार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री आनंद किशोर, पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री पंकज कुमार पाल, समाज कल्याण विभाग के सचिव श्री विनोद सिंह गुंजियाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, मुंगेर प्रमंडल के आयुक्त श्री प्रेम सिंह मीणा, मुंगेर प्रक्षेत्र के पुलिस उप महानिरीक्षक श्री राकेश कुमार, जिलाधिकारी श्री निखिल धनराज निप्पाणीकर, पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद, प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरविंदर सिंह, वरीय अधिकारी, गणमान्य व्यक्ति एवं बड़ी संख्या में आम जन उपस्थित थे।