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30-10-26

मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित ज्ञान भवन पटना से गुजरात के बनासकांठा में आयोजित प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुए शामिल।


पटना, 30 अक्टूबर 2026 मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी आज सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र परिसर स्थित ज्ञान भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गुजरात के बनासकांठा में आयोजित प्रधानमंत्री किसान उत्सव दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर गुजरात के बनासकांठा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त के तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 18,690 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की। इसके तहत बिहार के 73 लाख से अधिक किसान परिवारों के खाते में 1,476 करोड़ रुपये की सम्मान राशि सीधे भेजी गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि कैसे हो और उन्हें खेती से अधिक से अधिक लाभ कैसे मिले, इसके लिए बिहार सरकार लगातार प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी ने किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर खेती-किसानी को मजबूती प्रदान की है। इस योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष तीन किस्तों में 6,000 रुपये की सहायता दी जाती है। पिछले सात वर्षों से निरंतर किसान सम्मान निधि के माध्यम से किसानों को सहायता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में बाढ़ प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए प्रति किसान 7,000 रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। कृषि इनपुट सब्सिडी के माध्यम से भी 270 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं। सरकार किसानों के साथ हमेशा खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पिछले दो दिनों में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों को चिह्नित करें तथा उन्हें मुआवजा उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पहली बार टाल और दियारा क्षेत्रों को व्यवस्थित करने के लिए गाद प्रबंधन नीति बनाकर खेती को सुचारू बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। नेपाल की तराई से आने वाले पानी के साथ बड़ी मात्रा में गाद आने से किसानों को खेती में परेशानी होती है। इस समस्या के समाधान के लिए गाद हटाने की व्यवस्था शुरू की जा रही है। सभी जिलाधिकारियों एवं आपदा प्रबंधन विभाग को निर्देश दिया गया है कि बालू और गाद के कारण किसानों को होने वाली परेशानियों का समाधान सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की 76 प्रतिशत से अधिक आबादी की आजीविका कृषि पर निर्भर है। किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के साथ उनकी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एम०एस०पी०) से जोड़ने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। गन्ना उद्योग को बढ़ावा देने तथा एथेनॉल उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को उनकी उपज का अधिक से अधिक लाभ मिल सके। गन्ने के साथ-साथ अनाज के छोटे-छोटे टुकड़ों से भी एथेनॉल उत्पादन की संभावनाओं पर काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने की आवश्यकता है। बिहार देश का ऐसा राज्य है, जहां प्रत्येक पंचायत में मौसम की स्थिति के आधार पर किसानों को खेती के लिए परामर्श दिया जाता है। अब पारंपरिक खेती के तरीकों से आगे बढ़कर कृषि को बाजार और एम०एस०पी० से जोड़ना होगा। तभी किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और बिहार की कृषि व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव आएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली उपलब्ध करायी जा रही है। कृषि फीडरों को शत प्रतिशत सौर ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में भी काम हो रहा है। कृषि फीडरों के लिए सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 5,500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने और किसानों को खुशहाल करने के लिए जैविक खेती, ग्रीन एनर्जी तथा जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में जीविका दीदियों ने 1 लाख 36 हजार करोड़ रुपये का बाजार तैयार किया है। राज्य में 50 लाख महिलाओं को पशु सखी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें अब तक 32 लाख पशु सखियां बनाई जा चुकी हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ पशुपालन और कृषि आधारित गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में दूध उत्पादन को बढ़ाकर किसानों की आय में वृद्धि करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्य में दूध का उत्पादन 25 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 32 लाख लीटर प्रतिदिन हो गया है। अगले तीन वर्षों में इसे बढ़ाकर 50 लाख लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है। उन्होंने जैविक खेती और ऑर्गेनिक फूड को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले दुष्प्रभावों से बचने के लिए जैविक खेती की ओर आगे बढ़ना होगा। इससे लोगों को गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ मिलेंगे और किसानों की आर्थिक स्थिति भी बेहतर होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आदरणीय श्री नरेंद्र मोदी जी नौजवानों, किसानों, मजदूरों और महिलाओं की चिंता करते हुए विकसित भारत के निर्माण की दिशा में निरंतर काम कर रहे हैं। बिहार सरकार का भी उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि उनके जीवन में खुशहाली आए। किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बाजार, बिजली, सिंचाई और कृषि आधारित उद्योगों की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त की राशि हस्तांतरित किए जाने पर देश के सभी किसान भाइयों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राज्य सरकार प्रत्येक माह की 10 तारीख को सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि लाभुकों के खाते में भेजती है, उसी प्रकार किसानों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना भी सरकार की प्राथमिकता है।

कार्यक्रम को कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, उपमुख्यमंत्री श्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ० प्रेम कुमार, कृषि मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री श्री राम कृपाल यादव, लघु जल संसाधन मंत्री श्री संतोष कुमार सुमन, उद्योग एवं खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, कृषि विभाग के प्रधान सचिव श्री नर्मदेश्वर लाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह सहित कृषि विभाग एवं संबंधित विभागों के अधिकारी तथा बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।