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23-06-26

बिहार संग्रहालय समिति देश भर में संग्रहालय विकास का बन रहा है रोल मॉडल, नई दिल्ली, गुजरात, ओडिशा एवं तेलंगाना सहित देश भर में कुल 9 संग्रहालयों की स्थापना में निभा रही है अहम भूमिका : मुख्यमंत्री


पटना, 23 जून 2026 : मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी ने आज बिहार संग्रहालय में बिहार संग्रहालय समिति की शासी निकाय की बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में बिहार संग्रहालय के महानिदेशक श्री अंजनी कुमार सिंह ने बिहार संग्रहालय की गतिविधियों, विकास योजनाओं तथा भावी कार्य योजनाओं की प्रस्तुति के माध्यम से विस्तृत जानकारी दी। बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि बिहार संग्रहालय समिति वर्तमान में देश के विभिन्न राज्यों में संग्रहालयों की स्थापना एवं विकास के लिए तकनीकी सहयोग, परामर्श एवं मार्गदर्शन प्रदान कर रही है। नई दिल्ली, गुजरात, ओडिशा और तेलंगाना सहित देशभर में कुल 9 संग्रहालयों के विकास एवं स्थापना में समिति की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि बिहार संग्रहालय की विशेषता, क्षमता और राष्ट्रीय स्तर पर उसकी बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रमाण है। उन्होंने इस कार्य की सराहना करते हुए भविष्य में भी संग्रहालय क्षेत्र में बिहार की अग्रणी भूमिका बनाए रखने पर बल दिया।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बिहार के लिए गौरव की बात है कि बिहार संग्रहालय समिति देश भर में संग्रहालय विकास का रोल मॉडल बन रहा है। नई दिल्ली, गुजरात, ओडिशा एवं तेलंगाना सहित देशभर में कुल 9 संग्रहालयों की स्थापना में अहम भूमिका निभा रहा है। बिहार संग्रहालय ने गत वर्ष 5 लाख से अधिक टिकटधारी आगंतुकों का रिकॉर्ड दर्ज किया है। बिहार संग्रहालय राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं सभ्यतागत विरासत का प्रतिनिधित्व करता है। यह केवल एक संग्रहालय नहीं, बल्कि बिहार की पहचान, गौरव और ज्ञान परंपरा का जीवंत केंद्र है। उन्होंने संग्रहालय को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप विकसित करने तथा इसे संस्कृति, शिक्षा और पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी 7 अगस्त 2026 से 10 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाले स्थापना दिवस समारोह की तैयारियों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को भव्य एवं प्रभावी आयोजन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से बिहार की ऐतिहासिक उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और विकास यात्रा को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित किया जाए।

बैठक में संग्रहालय की द्विवार्षिक गतिविधियों एवं कार्यक्रमों में बिहार की लोककला, लोकसंस्कृति और पारंपरिक कला रूपों को विशेष स्थान देने पर बल दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की लोक परंपराएं और लोक कलाएं राज्य की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं तथा इनके संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार के लिए संग्रहालय महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

मुख्यमंत्री ने संग्रहालय को पर्यटन, कौशल विकास और रोजगार सृजन से जोड़ने पर बल देते हुए टूर गाइड, डिजाइन तथा लोक कलाओं से संबंधित डिप्लोमा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की योजना पर सकारात्मक विचार-विमर्श किया। उन्होंने कहा कि ऐसे पाठ्यक्रम युवाओं को रोजगारोन्मुख अवसर प्रदान करने के साथ-साथ राज्य की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण और संवर्धन में भी सहायक होंगे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संग्रहालय को विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, पर्यटकों एवं आम नागरिकों के लिए और अधिक आकर्षक तथा उपयोगी बनाया जाए तथा बिहार की सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक पहचान दिलाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाए।

बैठक में कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार, बिहार संग्रहालय के महानिदेशक श्री अंजनी कुमार सिंह, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव श्री विनय कुमार, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री अजय यादव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव श्री राजेश कुमार, शिक्षा विभाग के सचिव श्री विनोद सिंह गुंजियाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री संजय कुमार सिंह, कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव श्री प्रणव कुमार, पटना प्रमंडल के आयुक्त श्री मयंक बरबरे सहित बिहार संग्रहालय समिति के पदाधिकारी उपस्थित थे।